अध्याय 43

सूरज सिर के ठीक ऊपर चढ़ने को था। उसकी तेज़ रोशनी में कार चमक उठी। आधी खुली खिड़की से लैला, सेथ की ठंडी और सख़्त-सी साइड प्रोफ़ाइल को देखती रही।

उसके नैन-नक्श मानो किसी देवता जैसी परफ़ेक्शन लिए थे, मगर क्रूरता में किसी शैतान से कम नहीं।

यही चेहरा न जाने कितनी बार उसके दिल की धड़कनें बढ़ा चुका था, औ...

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